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bhartiya samvidhan sabha ka gathan tatha mang (भारतीय संविधान की मांग)




हेलो (Gkbook.ooo) में स्वागत है। इस आर्टिकल में भारतीय संविधान की मांग कैबिनेट मिशन की स्थापना, भारतीय संविधान के निर्माण के समय बनी महत्वपूर्ण समितियों का अध्यन करेंगे।




Constitution of India
भारतीय संविधान 


भारतीय संविधान की मांग

भारतीयों की ओर से सर्वप्रथम भारतीय संविधान बनाने की पहल स्वराज विधेयक 1896 से मिली जिसे लोकमान्य  बाल गंगाधर तिलक के निर्देशन में तैयार किया था। बाद में 1922 ई. में महात्मा गांधी द्वारा यह उद्गार व्यक्त किया गया कि भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छा अनुसार ही होगा ।1924 में मोतीलाल नेहरू द्वारा ब्रिटिश सरकार से मांग की गई कि भारतीय संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन किया जाए। आधिकारिक रूप से कांग्रेस के मंच से पहली बार 29 जुलाई 1936 को चुनावी घोषणा पत्र में भारतीय संविधान की मांग की गई। इसके बाद दिसंबर 1936 में लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा के अर्थ और महत्व की व्याख्या की गई।
1942 में ब्रिटिश सरकार ने क्रिप्स योजना के माध्यम से यह स्वीकार किया कि भारत में निर्वाचन संविधान सभा का गठन किया जाए।

कैबिनेट मिशन 1946

मजदूर दल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने कैबिनेट मिशन को भारत के सचिव लॉर्ड पैथिक लोरेंस की अध्यक्षता में भारत भेजा। यह मिशन 24 मार्च 1946 को भारत पहुंचा इसमें  अन्य दो सदस्य भी शामिल थे
1. सर स्टेफर्ड  क्रिप्स (व्यापार मंत्री) 2 ए. वी. एलेग्जेंडर (नौसेना मंत्री)। कैबिनेट मिशन में कांग्रेस के अध्यक्ष अब्दुल कलाम आजाद और मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मोहम्मद अली जिन्नाह से मुलाकात की कैबिनेट मिशन अपनी रिपोर्ट 16 मई 1946 को प्रकाशित की जिसके अनुसार-

1 ब्रिटिशप्रांत और देसी रियासतों को मिलाकर एक संघ का गठन किया जाना था जिसके पास रक्षा संबंधी विदेश संबंधी और परिवहन संबंधी मामले होते हो।

2 एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाना था जिसमें भारत के प्रमुख दलों के नेता शामिल होते। तथा इसमे मंत्रिमंडल के 14 सदस्य होते।

3 एक संविधान सभा का गठन किया जाना था जिसके सदस्य अप्रत्यक्ष तरीके से प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने जाते प्रति दस लाख की आबादी पर यह सदस्य का चुनाव किया जाना था चुनाव क्षेत्र तीन भागों में बांटा था। 
1 साधारण क्षेत्र या सामान्य क्षेत्र
2 मुस्लिम क्षेत्र और 
3 शिख क्षेत्र

प्रांतीय विधानसभाओं को तीन समूह में बांटा गया था।
क) हिंदू बाहुल्य क्षेत्र - संयुक्त प्रांत, मध्य प्रांत, बिहार, उड़ीसा मुंबई और मद्रास
ख) उत्तरी पश्चिमी भारत के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र-
 पंजाब से बलूचिस्तान और पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत
ग) पूर्वोत्तर भारत के मुस्लिम बहुल- क्षेत्र बंगाल और असम

जुलाई 1940 में संविधान सभा के लिए चुनाव हुआ जिसमें ब्रिटिश प्रांतों से 292 सदस्य निर्वाचित किए गए कमिश्नर क्षेत्रों से 4 सदस्य और देशिये रियासत से 93 प्रतिनिधि चुनकर आए इस प्रकार से संविधान सभा में कुल 389 सदस्य चुने गए


संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को दिल्ली में आयोजित की गई जहां डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थाई अध्यक्ष चुना गया, इसमें मुस्लिम लीग ने ऐसा नहीं लिया। 11 दिसंबर 1940 को डॉ राजेन्द्र प्रसाद को स्थाई अध्यक्ष चुना गया। 13 दिसंबर 1940 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा के अतंर्गत  उद्देश्य (प्रस्तावना) को पेश किया जो 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा स्वीकृत कर लिया गया।

3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना प्रकाशित हुई जिसके द्वारा भारत विभाजन को स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद संविधान सभा का पुनर्गठन किया गया इस प्रकार से पुनर्गठन संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 324 निर्धारित कर दी गई। भारत विभाजन के बाद संविधान सभा की पहली बैठक 31 अक्टूबर 1947 को आयोजित की गई जिसमें कुल 299 सदस्य उपस्थित थे।


भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण समितियां तथा उनका गठन:-


1 संचालन समितिसंचालन समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे

2 परामर्श या सलाहकार समिति- इसके अध्यक्ष बल्लभ भाई पटेल थे। परामर्श समिति की दो उप समिति थी

क) मूल अधिकार समिति जिसके अध्यक्ष जे बी कृपलानीी थे
ख) अल्पसंख्यक समिति जिसके अध्यक्ष एच सी मुखर्जी थे।

3 संघ समिति - इसके अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू समिति 


4 प्रांतीय समिति -जिसके अध्यक्ष बल्लभ भाई पटेल थे


5 प्रारूप या मसौदा समिति- समिति इसके अध्यक्ष डॉ भीमराव आंबेडकर थे

6 झंडा समिति- आचार्य जे बी कृपलानी


Note:- संविधान सभा में राष्ट्रीय तिरंगा झंडा 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया और राष्ट्रीय झंडा गीत- विजई विश्व तिरंगा प्यारा... को भी अपनाया गया जिसे श्यामलाल गुप्त पार्षद ने लिखा था। यह गीत सर्वप्रथम 1925 ईस्वी में कानपुर में कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में गाया गया जिसकी अध्यक्षता सरोजिनी नायडू ने की सरोजिनी नायडू को रविंद्र नाथ टैगोर ने भारत  'कोकिला' की उपाधि दी थी।


संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए 29 अगस्त 1948 ई. को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्यों की एक प्रारूप समिति का गठन किया गया।

आचार्य जे बी कृपलानी को संविधान सभा के झंडा समिति का अध्यक्ष तथा श्री बी एन राव को संविधान सभा का विधिक सलाहकार नियुक्त किया गया।

संविधान सभा की आखरी बैठक 24 जनवरी 1950 ई. स्मपन हुई,  तथा इसी दिन सदस्यों द्वारा संविधान का अंतिम रूप से हस्ताक्षर किए गए।

भारत के मूल संविधान में 395 अनुच्छेद 22 भाग और 8 अनुसूचियां थी। संविधान के निर्माण पर लगभग 6.4 करोड रुपए खर्च हुए।
वर्तमान भारतीय संविधान में कुल 22 भाग और 444 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं।


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